Monday, June 7, 2021

क्या राजीव दीक्षित की मौत रामदेव प्रायोजित हत्या थी ❓

 

राजीव दीक्षित की मृत्यु हत्या थी या हार्ट अटैक ?निरुत्तर है यह सवाल ❗❗


राजीव दीक्षित एक ऐसा नाम जिसने रामदेव को कई चीजों से साक्षात्कार कराया जैसे ब्लैक मनी स्वदेशी अभियान

राजीव दीक्षित के ही कारण भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की नींव पड़ी और यह विचारधारा राजीव दीक्षित की ही थी जिसे लेकर रामदेव ने पतंजलि को “पतितंजलि” बनाया और स्वयं योग गुरु रामदेव तुरंत लाला रामदेव बन गए


दर्शनशास्त्र के ज्ञाता राजीव दीक्षित जी जो एक शोधक अद्वितीय विद्वान अच्छे व्याख्याता वक्ता आयुर्वेद और प्राचीन संस्कृति के प्रचारक थे 

अगर वो जिंदा रहते तो अब तक भारत में स्वदेशी और आयुर्वेद का शायद सबसे बड़ा ब्रांड बन चुके होते


कहा जाता है कि शुरुआत में इस शख्स को रामदेव अपने प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखता था लेकिन बाद में रामदेव ने अपनी रणनीति बदली औऱ राजीव दीक्षित को मित्र बनाकर पतंजलि के लिए पूरा इस्तेमाल किया और फिर रामदेव , राम भरत औऱ बालकृष्ण ने मिलकर राजीव दीक्षित को अपने रास्ते से हटा दिया 

देश भर में घूम-घूम कर देशवासियों में स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग के प्रति अलख जगाने वाले स्वदेशी प्रचारक राजीव दीक्षित ने विदेशी हटाओ स्वदेशी आपनाओ का नारा दिया था

जिसके बाद योग गुरु रामदेव के साथ भारत स्वाभिमान ट्रस्ट बनाया जिसके जरिये लाखों लोगों तक स्वदेशी अपनाने का सन्देश पहुंचने में कामयाब रहे


पतंजलि आयुर्वेद एवं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की स्थापना राजीव दीक्षित की ही सोच थी / इस के निर्माण समय से जुड़े कई प्रमुख लोग बताते हैं की पतंजलि की सफलता का परचम लहराने की पटकथा राजीव दीक्षित की ही थी

घटना का व्योरा 

👉 दीक्षित 29 नवंबर 2010 को स्वदेशी उत्पादों के प्रचार के लिए दुर्ग जिले के बेमेतरा में स्वदेशी उत्पादों पर व्याख्यान दिया उसके बाद वह व्याख्यान देने भिलाई जा रहे थे

रस्ते में ही उन्हें बेचैनी होने लगी अनना फानन में सेक्टर 9 स्थित अस्पताल ले जाया गया

हालत में सुधार नहीं होता देख अपोले BSR अस्पताल रेफर कर दिया गया जहां देर रात (1 बजे) उनकी मौत हो गई थी

मौत के बाद आपके  शरीर को विमान से सीधे हरिद्वार भिजवा दिया गया औऱ तभी से सवाल खड़े होने लगे की अस्वाभाविक मौत के बाद पोस्टमार्टम क्यों नहीं कराया गया जबकि राजीव दीक्षित के लाश को देखकर प्रथम दृष्टया ही ऐसा लगता था जैसे उनकी मौत जहर देकर हुई हो

जानकारों के अनुसार पोस्मार्टम से ही मौत की असली वजहों का सही अनुमान लगाया जा सकता था बावजूद इसके राजीव दीक्षित जैसे प्रचारक जिन्होंने न जाने कितनी मल्टीनैशनल कम्पनियों की भद्द पीट दी थी और बड़े बड़े उद्योगपति से दुश्मनी मोल ले रखी थी उस आदमी के मौत के बाद भी पोस्टमार्टम को तबज्जो नहीं दिया जाना बड़ा सवाल था ❓

मौत के बाद शव के अंतिम दर्शन करने वाले लोग कहते हैं कि मौत के बाद राजीव दिखित का चेहरा और होंठ नील दिखाई पड़ रहे थे। अमूमन ऐसा तभी होता है जब मौत जहर से होती है

Youtube 👉 https://youtu.be/I7kpQ8J5OQo


एक बार फिर से मौत की वजह तलाशने की कोशिश के लिए परिजनों एवं राजीव दीक्षित के शुभेच्छुओं का प्रयास जारी है 


लोगों के लगातार मांगों के बीच 2019 लोकसभा चुनाव के बाद एक बार चर्चा में आई थी की PMO के आदेश पर फिर से राजीव दीक्षित के मौत की फाइल खुलने वाली है / लेकिन उसके बाद कोई जानकारी नहीं मिली की फाइल खुली या नहीं / राजीव दीक्षित के बड़े भाई प्रदीप दीक्षित ने जो बातें मीडिया के द्वारा रखी उससे रामदेव की भूमिका निश्चित रूप से हत्यारे के रूप में चिन्हित होती है / जिन्होंने सैकड़ों लोगों के दबाव के बावजूद ना तो अपोलो में मौत के बाद पोस्टमार्टम कराया ना ही तो हरिद्वार में लाश को जलाने से पहले पोस्टमार्टम कराया गया / जबकि इस संबंध में स्वयं राजीव दीक्षित के बड़े भाई ने भी रामदेव से पोस्टमार्टम करवाने की मांग की थी साथ ही रामदेव एवं राजीव दीक्षित के संस्था से जुड़े 50 से अधिक प्रमुख लोगों ने एक प्रार्थना पत्र भी रामदेव को सौंपा था

जिसमें उन लोगों ने कहा था कि उन्हें दीक्षित की लाश देखकर हत्या किए जाने की आशंका है / इसलिए सच को सामने लाने के लिए लाश का पोस्टमार्टम कराया जाए 

पर रामदेव ने हिंदू धर्म की दुहाई देकर पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया / देखने वाली बात होगी कि मोदी सरकार अपने प्रचारक रामदेव पर कार्यवाही का साहस जुटा पाएगी या फिर राजीव दीक्षित की मौत का रहस्य रहस्य ही बना रह जाएगा 

इस सरकार से तो उम्मीद करना बेमानी है क्योंकि यह सरकार साधू सन्यासियों के चेहरे के पीछे छुपे शैतानों के बूते ही चल रही है


क्रांतिकारी विचारों वाला वो शख्स राजीव दीक्षित विवादास्पद मौत मर गया औऱ उसके महान विचारों का व्यापार कर अब रामदेव सबसे बड़ा व्यापारी बन गया


Wednesday, May 12, 2021

यूपी में आपको ऑक्सीजन की कमी हो सकती है लेकिन शराब की कमी होने नहीं दी जाएगी

     बेेेवडे पधारो यूूपी

उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से भले ही मरीजों की मौत हो जाए मगर आपको योगी जी के राज में शराब की कमी महसूस होने नहीं दी जाएगी

        

एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां कोरोना रोकने के लिए मीटिंग में व्यस्त हैं, वहीं दूसरी ओर उनके DM शराब की दुकानों को खुलवाने में लगे हुए हैं

लखनऊ में अभी शराब की दुकानें बंद हैं, लेकिन ज्यादातर जिलों में दुकानें खुली हैं। इन दुकानों पर उमड़ी भीड़ कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रही है। लोग झोला भर-भरकर शराब खरीद रहे हैं। ऐसे में यह भीड़ कोरोना संक्रमण का सुपर स्प्रेडर बन सकती है।

यह आलम तब है, जब राज्य में जहरीली शराब पीने से अम्बेडकरनगर आजमगढ़ और बदायूं में 24 लोगों को जान जा चुकी है

दरअसल, शराब विक्रेता वेलफेयर एसोसिएशन ने पिछले दिनों सरकार से कोरोना कर्फ्यू के कारण बंद पड़ी दुकानों को खोलने की मांग की थी

 दुकानें बंद होने से कई जिलों में जहरीली शराब की तस्करी भी बढ़ गई थी

कई जिलों के डीएम के पास शराब की दुकान खोलने के लिए आबकारी विभाग की चिट्‌ठी भी पहुंच गई थी। जिसके चलते योगी सरकार ने प्रदेश में शराब की दुकानों खोलने को लेकर फैसला डीएम पर छोड़ दिया था। वहीं, माना जा रहा है कि राजस्व के नुकसान से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।


मेरठ की सड़कों पर ऐसा लगने लगा है कि शराब के ठेकों ने कोरोना संक्रमण के कहर को पीछे छोड़ दिया है। शराब के ठेके खुले तो लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। 2 गज की सोशल डिस्टेंसिंग तो दूर दो इंच का फासला भी नजर नहीं आया। लोग बैग और झोलों में शराब की बोतलें भरकर ले जाते नजर आए। इतना ही नहीं, दिल्ली रोड स्थित शराब के ठेके पर तो दो 
पुलिसकर्मी वर्दी पहने चार-पांच बोतल खरीदते कैमरे में कैद हो गए 

Wine Shop In UP

झांसी में भी डीएम ने शराब की दुकानों को खोलने की इजाजत दे दी है। इसके बाद से तय समय से पहले ही दुकानों के बाहर शौकीनों की कतारें भी नजर आने लगीं। जिले में देसी-विदेशी शराब और बीयर की 374 दुकानें हैं। कोरोना कर्फ्यू के चलते इन सभी दुकानों के शटर बंद हो गए थे। इस दरमियान शराब की कालाबाजारी भी जोरों पर चली तथा नकली शराब के कारोबारियों ने मौके का फायदा उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जबकि, कच्ची शराब का धंधा भी जोर पकड़


पहले छप कर बिकते थे जो अखबार अब बिक कर छपने लगे हैं

Tuesday, May 11, 2021

जिसे गोदी मीडिया ने विलेन बनाया था वो असल में हीरो नहीं सुपर हीरो निकला

पिछले साल की बात है जब कोरोना संक्रमण भारत में अपना प्रभाव डालना शुरू किया था तभी कोरोनावायरस के साथ ही जमात भी जोर शोर से चर्चा में आई थी जिसे गोदी मीडिया ने पूरा खलनायक बना दिया था

तिरुपति शहर में नौ कोविड-19 मरीजों के अंतिम संस्कार में शामिल होने की तैयारी करते जेएमडी गॉस कहते हैं, "पिछले साल कितने लोगों ने हमें कोविड महामारी के लिए जिम्मेदार ठहराया था. अब सब लोग हमारी तारीफ कर रहे हैं."


गॉस तबलीगी जमात के सक्रिय सदस्य हैं. दूसरे सदस्यों के साथ मिलकर उन्होंने तिरुपति यूनाइटेड मुस्लिम एसोसिएशन के तहत COVID-19 जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) बनाई है. इसका काम लोगों के कोविड संबंधी मुद्दों को देखना है, जिसमें अंतिम संस्कार करना भी शामिल है.

कोविड मामलों में तेजी आने के बाद जितना मुश्किल इलाज मिलना हो गया है, उतना ही ज्यादा मुश्किल अंतिम संस्कार भी हो गया है. कुछ परिवार संक्रमण के डर से अपनों का अंतिम संस्कार करने में हिचकिचा रहे हैं. इसके अलावा अनाथ लोगों का क्रिया-कर्म करने वाला कोई नहीं है.


Monday, May 10, 2021

 


जनता को नकली रेमडेसिविर बेच रहे थे जबलपुर के VHP चीफ, FIR हुई तो गायब हो गए

जबलपुर शहर के विश्व हिंदू परिषद अध्यक्ष सरबजीत सिंह मोखा FIR दर्ज होने के बाद से ही फरार हैं.


सरबजीत सिंह मोखा. जबलपुर में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के सिटी प्रेसिडेंट हैं. शहर में ही एक सिटी अस्पताल है. मोखा उसके मालिक भी हैं. मोखा के दो साथी हैं, उनके मैनेजर देवेंद्र चौरसिया और फार्मा कंपनियों की डीलरशिप चलाने वाले स्वपन जैन. इन तीनों पर अपने अस्पताल में भर्ती मरीजों को फर्जी रेमडेसिविर (Remdesivir) बेचने का आरोप है. बता दें कि रेमडेसिविर कोरोना वायरस इंफेक्शन के इलाज में यूज़ हो रही ज़रूरी दवाओं में से एक है.

जबलपुर के एडिशनल एसपी रोहित केशवानी ने कहा,

आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 274 (दवाओं में मिलावट), 275 (मिलावटी दवा की बिक्री), 308 (गैर इरादतन हत्या), 420 (धोखाधड़ी) और डिजास्टर मैनेजमेंट ऐक्ट और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स ऐक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.”


पुलिस के मुताबिक, स्वपन जैन को सूरत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वहीं मोखा और चौरसिया फरार चल रहे हैं


इंडिया टुडे के हेमेंदर शर्मा ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि मोखा राज्य सरकार के एक सीनियर मंत्री के बेटे के संपर्क में थे. उन्होंने इंदौर से 500 फेक रेमडेसिविर मंगवाए और अपने अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिवारवालों को बेच दिए. एक-एक नकली रेमडेसिविर 35 से 40 हज़ार रुपये में बेची गई.


मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे फर्जी रेमडेसिविर घोटाले से जोड़ा है. उस मामले में नमक और ग्लूकोज़ से एक लाख फर्जी रेमडेसिविर बनाकर पूरे देश में भेजने का आरोप है. मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद विवेक तनखा ने इसे लेकर ट्वीट किया था

CBI को यह मल्टी स्टेट #RemdesivirScam सौंपा जाये. 3000 इंदौर आए और 3500 जबलपुर भी भेजे गए. दिल्ली , राजस्थान, छत्तीसगढ़ भी भेजे जाने की बात सामने आई है 


Friday, May 7, 2021

कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए यह अनुष्ठान हो रहा

.   Go Corona Corona Go
कोरोना को भगाना है इसलिए यह धार्मिक अनुष्ठान हो रहा इससे हिंदूवादी सरकार को या पुलिस प्रशासन को कोई दिक्कत नहीं होती है 
मैं तो इतना ही जानता हूं कि विश्व में अगर सर्वाधिक मूर्खों की गणना होगी उसमें भारत एक नंबर पर आएगा / जहां सरकार मंदिर के लिए चंदा मांगती है, सरकार के मंत्री राम मंदिर निर्माण के लिए भीक्षाटन करते हैं /सरकार की प्राथमिकता विस्टा प्रोजेक्ट है जो हजारों करोड़ से बन रही
देश के वर्तमान सरकार की प्राथमिकता कभी भी स्वास्थ , शिक्षा , रोजगार , महंगाई पर नियंत्रण आदि पर नहीं रही 
सरकार श्मसान  कब्रिस्तान , मंदिर मस्जिद , हिंदू मुसलमान गाय गोबर गौमूत्र तक ही रह गई है औऱ देश विनाश की ओर बढ़ता चला गया !!!
#JoBaatHai #MeriBaat #jansanvaad #modileduba

Thursday, May 6, 2021

बिना तैयारी के दावत बांटने वाले फकैत को लोग भगवान बता रहे

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

कोरोना महामारी की दूसरी लहर से जूझते भारत की उम्मीदें टीकाकरण पर टँगी है

केंद्र सरकार ने 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए टीकाकरण की अनुमति दे दी है लेकिन मौजूदा हालात में बहुत से लोगों के लिए टीका लगवा पाना मुश्किल हो रहा है.


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अप्रैल को यह घोषणा की थी कि एक मई से 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगनी शुरू हो जाएगी. कोरोना महामारी की दूसरी बड़ी लहर से जूझते भारत के लोगों के लिए यह घोषणा राहत भरी थी / लेकिन एक मई आने से पहले ही यह साफ़ दिखने लगा कि इस टीकाकरण अभियान की तैयारी नहीं हो पाई थी.

30 अप्रैल को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वे पहली मई से अस्पतालों के बाहर कतारें न लगाएं क्योंकि वैक्सीन की सप्लाई उपलब्ध नहीं हो पाई है.

हैरानी की बात ये थी कि जहाँ एक तरफ़ दिल्ली सरकार वैक्सीन नहीं ख़रीद पाई, वही 30 अप्रैल की शाम दिल्ली के कुछ प्रमुख निजी अस्पतालों ने यह घोषणा कर दी की उन्हें वैक्सीन का स्टॉक मिल गया है और वे एक मई से 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए टीकाकरण शुरू कर रहे हैं.

एक मई की सुबह होते ही दिल्ली के प्रमुख निजी अस्पतालों के बाहर वैक्सीन लगवाने वालों की लंबी क़तारें लग गईं लेकिन दिन के ख़त्म होते होते पूरे देश में 18 से 44 वर्ष के लोगों में से मात्र 84,599 लोगों को पहली डोज़ लग पाई



Wednesday, May 5, 2021

देश के लिए बहुत बड़ा आंतरिक खतरा ईरानी भाभी का झुमका खो गया

देश के लिए बड़ा खतरा , छाछ भी कभी दही थी का झुमका गिरा रे ...

मोदी सरकार के अहम मंत्री का झुमका गिरने में कहीं चीन पाकिस्तान की साजिश तो नहीं थी , NIA को लगाओ डोभाल किधर...

श्वेता और अंजना, लगे हाथ अपनी तरफ से ये भी बजवाओ

ढूंढो ढूंढो रे साजना मोरे कान का बाला...


भारत का प्रेस इतना फ्री है कि खोजी पत्रकारिता करते हुए कुछ भी खोज रहा है, झुमका ही सही... 

यही सब ढूँढते-ढूँढते लुढ़कते हुए 142वें स्थान पर जा पहुँचा



Tuesday, May 4, 2021

जैसा कि अंदेशा था बंगाल सर्वाधिक तेज संक्रमित वाला राज्य बन गया है

जिम्मेदार कौन है बंगाल के कोरोना संक्रमन विस्फ़ोट औऱ शुरू हुई तबाही का 


चुनाव आयोग या प्रधानमंत्री ?

फ़रवरी के आख़िरी हफ़्ते में जब चुनाव आयोग ने मतदान की तारीख़ों का ऐलान किया था तबतक पश्चिम बंगाल में कोरोना के रोज़ाना 200 से कम पॉज़िटिव मामले आ रहे थे. आख़िरी चरण तक पहुँचते-पहुँचते रोज़ाना आनेवाला ये आँकड़ा क़रीब 900 प्रतिशत बढ़कर 17,500 के ऊपर पहुँच गया हैफ़रवरी के आख़िरी हफ़्ते में जब चुनाव आयोग ने मतदान की तारीख़ों का ऐलान किया, तब पश्चिम बंगाल में कोरोना के रोज़ाना 200 से कम पॉज़िटिव मामले आ रहे थे.

आख़िरी चरण तक पहुँचते-पहुँचते रोज़ाना आनेवाला ये आँकड़ा क़रीब 900 प्रतिशत बढ़कर 17,500 के ऊपर पहुँच गया.


फरवरी 21 को पश्चिम बंगाल में कोरोना पर इतना नियंत्रण हो चुका था कि एक भी व्यक्ति की इससे मौत दर्ज नहीं की गई. ठीक दो महीने बाद, मतगणना के दिन, दो मई 2021 को कोरोना से मरनेवालों की तादाद 100 पार कर गई.



पश्चिम बंगाल में पाँचवे चरण के मतदान से ठीक पहले महाराष्ट्र के कुल 60,000 मामलों का उदाहरण देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने इंडियन एक्सप्रेस अख़बार को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि बंगाल में 4,000 मामले ही हैं, इसलिए कोरोना संक्रमण को चुनावी रैलियों से जोड़ना ठीक नहीं है.


लेकिन प्रचार और मतदान का वक़्त देखा जाए, तो इस दौरान चुनाव वाले राज्यों, जैसे पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु, में रोज़ाना आए कोरोना मामले महाराष्ट्र जैसे राज्य के मुक़ाबले कहीं तेज़ी से बढ़े. इनमें भी पश्चिम बंगाल की बढ़त दर ज़्यादा

पश्चिम बंगाल के बिगड़ते हालात के लिए जिम्मेदार तय होगी तो निश्चित रुप से आम जनता की भी भागेदारी है जो इस महामारी में भीड़ बनने को तैयार हुए


चुनाव प्रचार के दौरान हज़ारों की भीड़ वाली रैलियाँ और रोड शो किए गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में 18 रैलियाँ की, गृह मंत्री अमित शाह ने 30 BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 30 सभा रैली रोड शो किया


इनमें 'दो गज़ की दूरी' बनाए रखना नामुमकिन था / ज़्यादातर लोगों ने मास्क भी नहीं पहने थे


वेस्ट बंगाल डॉक्टर्स फ़ोरम ने मार्च से ही चुनाव आयोग और राज्य सरकार को चिट्ठी लिखकर चेताया था कि अगर नियमों को सख़्ती से लागू नहीं किया गया, तो संक्रमण तेज़ी से फैलने का ख़तरा है.


फ़ोरम के संस्थापक-सचिव डॉ. कौशिक चाकी ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "ग्रामीण या छोटे शहरों में रहनेवालों के बीच स्टार प्रचारक, देश के प्रधानमंत्री और राज्य की मुख्यमंत्री आकर वोट मांगेगीं, तो वो सुनने बाहर आएँगे ही, लेकिन ये चुनाव आयोग को देखना था कि वो अपने निर्देशों का पालन लोगों और राजनीतिक पार्टियों से कैसे करवाएगी

'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ हाइजीन एंड पब्लिक हेल्थ' की निदेशक डॉ. मधुमिता डोबे कहती हैं कि हर रैली से संक्रमण उतना ही हुआ हो, ये ज़रूरी नहीं, लेकिन जानकारी के अभाव में सिर्फ़ आकलन ही लगाया जा सकता है.


डॉ. डोबे के मुताबिक़, "जबतक रैलियों से लौटने वाले लोगों का टेस्ट ना किया जाए, दावे के साथ कुछ कहना मुश्किल है, हो सकता है कोई एक रैली 'सुपर-स्प्रेडर' बन गई हो और संक्रमण उन लोगों में तेज़ी से फैला हो, लेकिन ग्रामीण इलाक़ों में टेस्टिंग की दर और कम सुविधाओं के चलते हमें पूरा अनुमान शायद ही जल्दी से मिल पाएगा."

Monday, May 3, 2021

दिन रात तब्लीगी जमात के कोरोना कनेक्शन को कोसने वाले पत्तलकार कुंभ मेला के कोरोना कनैक्शन पर नहीं बोल रहा

मानो या न मानो मर्जी आपकी
पर ऐसा दिखता है जैसे भारत में मुसलमान होना ही गुनाह हो गया है
 BJP Tak कहो या आजतक बराबर है

अभी से ठीक 13 महीने पहले जो ससुरे सुबह मुंह धोके जमातियों की गिनती से शुरू होते थे अंतिम शो तक अनवरत चलती रहती थी खासकर ज़ी न्यूज़ , आज तक , ABP रिपब्लिक जैसे चैनलों पर , अखबारों का फ्रंट पेज और बड़ी हैडलाइन
👉तबलीगी जमात
👉 जमाती
👉 मरकज निजामुद्दीन   का कोरोना कनेक्शन , कोरोना जिहाद , किस मस्जिद में कितने जमाती छुपे हैं कहाँ भाग गए हैं , कितने को पुलिस ने पकड़ा...
पर एक भी सुतियानंदन की जुबां नहीं खुल रही कि 👇
👉 तीस दिन के कुंभ ने अब तक 15000 से अधिक संक्रमित दे दिया है उसका जिम्मेदार कौन ?
👉 भारत के प्रधानमंत्री और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने लोगों को किस परिस्थिति में कुंभ आने के लिए आमंत्रित किया ?
कुंभ के मेले से संक्रमित हुए लोगों में से जितनी भी मौतें हो रही उसके हत्या का मुकदमा पीएम सीएम पर किया जाना चाहिए जिन्होंने खुद ही खुद के बनाए नियम तोड़कर पद के मर्यादा को तार कर दिया 
जो किसी आम आदमी द्वारा नियम तोड़े जाने से लाखों गुना अधिक बड़ा गुनाह है

हम सच को सच के अंदाज में कहना चाहते हैं 

Wednesday, April 28, 2021

प्रधानमंत्री ने कोरोनावायरस कभी भी गंभीरता से नहीं लिया

Voice President IMA

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉक्टर नवजोत सिंह दहिया ने देश में बढ़ते कोरोना वायरस संक्रमन के प्रसार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया है और मोदी जी के भूमिका पर सख्त टिप्पणी भी की



श्री दहिया ने बताया कि जब मेडिकल बिरादरी के लोग आवाम को कोरोना वायरस से बचने के उपायों पर ताकीद कर रही थी समझा रही थी और अपनी जान को जोखिम में डालकर संक्रमितों की सहायता कर रही थी तब देश के प्रधानमंत्री बड़ी-बड़ी चुनावी रैलियां के आयोजन में व्यस्त थे / दहिया ने बताया की प्रधानमंत्री ने सुपरस्प्रेडर (परजीवी covid19 संवाहक)की भूमिका स्वयं निभाई है इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. नवजोत सिंह दहिया ने देश में बढ़ती कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराया


प्रधानमंत्री ने खुद ही डब्ल्यूएचओ के कोरोना वायरस गाइडलाइंस का खुला उल्लंघन किया और चुनावी सभाओं में लाखों लोगों की भीड़ जुटाई रैलियां की रोड शो किए / यह बता रही कि केंद्र सरकार कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर कभी गंभीर नहीं हो पाई / जहां एक ओर प्रधानमंत्री आने वाले दिनों में सभी जिला मुख्यालय में ऑक्सीजन उत्पादन के लिए संयंत्र लगाने की बात करते हैं वही पीएमओ में सैकड़ों फाइल जो स्वीकृति के लिए लंबित पड़ी है उसे स्वीकृति नहीं दे रहे 



दहिया ने कहा कि देश के अधिकतर राज्यों में ऑक्सीजन संकट जोर पर चल रहा ऐसे समय में सरकार को गंभीरता पूर्वक इन चीजों पर संसाधनों पर विचार करना चाहिए था लेकिन पूरी सरकार राज्यों में चुनाव लड़ने में उलझी रह गई और देश की हालत बद से बदतर होती गई , चुनावी सभाओं के बाद कुंभ मेले के आयोजन को भी लेकर “दहिया” ने टिप्पणी की कहा भला ऐसे हालात में किसी धार्मिक आयोजन की इजाजत कैसे दिया जा सकता था ?

लेकिन जब प्रधानमंत्री ने स्वयं महामारी के लिए रोकथाम के नीति का उल्लंघन किया फिर और दूसरे किसी आयोजन की क्या बात की जा सकती है




भाजपा विधायक के पुत्र की शादी में गाइडलाइंस की धज्जी उड़ाई गई

 जैसा कि हम सभी बेहतर जानते हैं इस समय देश भर में पूर्णा गाइडलाइंस की बात होती है हालांकि देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने भी कोरोनावायरस ऑल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई और बड़ी बड़ी सभाएं रैलियां अनवरत चालू है 


फारबिसगंज विधायक पुत्र के विवाह की तस्वीर

कोरोना वायरस का संक्रमन रिकॉर्ड तोड़े जा रहा , इतना तेज बढ़ रहा ऐसे में जनता की चिंता छोड़कर देश की सरकार ने अपनी कुर्सी की चिंता की और विभिन्न राज्यों में बीजेपी सरकार बने इसके लिए समर्पण दिखाया / पिछले 14 महीने में किसी भी तरह के संसाधन में इजाफा नहीं हुआ और जैसा कि मैं कई बार कहता हूँ कि प्रधानमंत्री जी दाढ़ी बढ़ाने के अलावा कोरोना वायरस की कोई दूसरी विधि अपनाते नहीं दिखे 

ये तस्वीरें जो आपको दिखा रहा हूं यह तस्वीरें हैं विवाह समारोह की और विवाह हो रहा भारतीय जनता पार्टी से फारबिसगंज के विधायक विद्यासागर केसरी उर्फ मंचन केसरी के पुत्र प्रेम केसरी की / यह शादी 26 अप्रैल को संपन्न हुई / अब अररिया फारबिसगंज पूर्णिया वगैरह में ज्यादातर मोहल्ले हॉटस्पॉट में तब्दील हो गए हैं / सावधानी के तहत शाम 6:00 बजे के बाद टोकरी में सब्जी बेचने वालों को पुलिस डंडे मार कर भगा देती है लेकिन रात 10:00 बजे ऐसे गेदरिंग की इजाजत दे दी जाती है / पुलिस पूरी तरह से अंधी बनी रहती है और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जाती है/ 

नवदम्पति द्वय को प्रेममय सुखमय भविष्य एवं दीर्घायु जीवन की अनंत शुभाशीष शुभकामनाएं - जय हो !!

पर समाज के पथप्रदर्शक आदरणीय विधायक से इस तरह कानून की धज्जियां उड़ाता देखना दुखद अनुभव है /

इसमें कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग मास्क निर्धारित लोगों की संख्या या कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करते हुए कोई दिखाई नहीं दे रहे हैं 
                  Jan Sanvaad            

यह कैसा वायरस है जो BJP नेताओं को नहीं पकड़ता कुछ

यह तस्वीरें तेलंगाना के वारंगल में भाजपा नेताओं ने इस रोड शो का आयोजन है

जहां हजारों की संख्या में लोग जुटे हैं ना तो कोई सोशल डिस्टेंस का पालन हो रहा है ना ही कहीं कोरोना वायरस के महामारी जैसे खतरे से किसी को डर दिख रहा /

शहरों में शाम 6 बजे के बाद सड़क किनारे सब्जी बेचने वालों को पुलिस डंडे मार कर भगाती है / लोग बाग बाहर नहीं निकल सकते हैं क्योंकि कर्फ्यू लागू है / लेकिन हम लोगों ने देखा किस तरह बिहार विधानसभा हो , बंगाल विधानसभा हो या असम या केरल के विधानसभा चुनाव का प्रचार हो प्रधानमंत्री गृहमंत्री ने सैकड़ों सभाएं की लाखों की भीड़ जुटाई और कोरोना वायरस संक्रमण के वाहक बने / 

सोशल डिस्टेंसिंग

जिन राज्यों में चुनाव हो चुके हैं वहां की स्थिति बदतर है जैसे कि बिहार में चुनाव के बाद जब संक्रमितों के आंकड़े सामने आने लगे तो अब न तो अस्पताल में बेड खाली है ना ऑक्सिजन है , ना वेंटीलेटर है , डर से डॉक्टर भी इलाज करने से कतरा रहे , बावजूद इसके प्रधानमंत्री ने इतनी सभाएं कर कोरोना वायरस को फैलने में भरपूर मदद किया है यह आंकड़े बता रहा /



 बीजेपी के तेलंगाना अध्यक्ष पर निश्चित रूप से महामारी फैलाने का , शांति भंग करने का , सरकार के आदेश की अवहेलना करने मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए / 

Wednesday, April 21, 2021

नेताओं के फोटोशूट की भूख ने 12 लोगों के जान ले लिए

देश में लगातार अजीबोगरीब कारनामे होते रहते है


इस वक्त हमारा देश कोरोना वायरस की संक्रमण से ज्यादा प्रभावित है या फिर सत्ता के द्वारा लिए जा रहे निर्णय के कारण जायदा प्रभावित है इस मामले पर बड़ी बहस हो सकती है पर परिणाम तो कुछ भी नहीं होगा होना तो वह है जो हमारे प्रधानमंत्री जी चाहेंगे
हालत कहां से कहां तक पहुंच गई देश की हमारे बिहार प्रदेश की या देश के अन्य राज्यों की , अब कोरोना वायरस की संक्रमण 24 घँटे में 2.5 लाख के करीब पर पहुंच गया है


कोरोना से देश को बचाने के लिए जो लॉक डाउन लगा था उसे 14 महीने के करीब हो चुके हैं , हमारे देश को मजबूत बनाने में लगातार 18×7 जी जान से मेहनत करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी विकास का कीर्तिमान गढ़ रहे हैं /  कोरोना वायरस संक्रमण पर हमारे देश के प्रधानमंत्री कहते हैं कि हमने आपदा को अवसर में बदल लिया और 14 महीने से प्रधानमंत्री जो भी कह रहे हैं वह जनता को करने के लिए कह रहे , 14 महीने के दौरान या आज भी जब प्रधानमंत्री ने 19 मिनट का संबोधन दिया सरकार क्या कर रही इस पर कभी मुँह नहीं खोला  कोई बात ही नहीं करी


जनता को क्या-क्या करना चाहिए यह जरूर बताया / जब देश के प्रधानमंत्री ही फोटो शूट पसंद हो तो उनके चेले चपाटी बेचारे करें तो क्या जुल्म भी तब जब राज्य में सरकार हो देश में सरकार हो तो फोटो शूट बनता ही है 

देश के अन्य राज्यों की तरह मध्य प्रदेश भी इस वक्त ऑक्सीजन क्रश इसका दंश झेल रहा और वहां की भी विकास करने वाली सरकार कुछ भी उपलब्ध नहीं करा पा रही तो यह जो ट्रक देख रहे हैं यह गुजरात से मध्य प्रदेश के लिए ऑक्सीजन गैस लेकर पहुंचा है जहां भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे ट्रक को माला पहनाकर उसका स्वागत करते हैं पत्रकारों के साथ फोटो शूट करते हैं कुछ पत्रकार जो बाद में आते हैं उनके लिए एक बार माला पहनाया था फिर दोबारा माला पहना देते हैं 
और फिर ट्रक अपनी मंजिल की ओर चलना शुरू होता है लेकिन तभी पता चलता है कि ट्रक का स्वागत शवराज सरकार के मंत्री तुलसी सिलावट भी आगे करेंगे,चंदन बाजार में फिर वह गैस लदी हुई ट्रक रुक जाती है आधे घंटे में मंत्री जी पहुंचते हैं पंडित जी मंत्रोच्चार करते हैं , मंत्री जी ट्रक के आगे नारियल फोड़ते हैं और फिर उस ट्रक पर माला पहना कर प्रणाम नमस्कार करके फोटो वीडियो बनवा कर वहां से विदा करते हैं 
 इन कार्यक्रमों के दौरान ढाई घंटे का समय लगता है वहीं दूसरी तरफ जैसा कि बताया जा रहा ऑक्सीजन नहीं रहने के कारण शहडोल के अस्पताल में बारह कोरोना संक्रमित मरीजों की तड़प तड़प कर मौत हो जाती है
इससे क्या फर्क पड़ता है फोटोशूट तो बनता है भाई ठीक है भाई लगे रहो



मेरा तो मानना है कि 12 हत्याओं का मुकदमा तुलसी सिलावट और गौरव रणदिवे पर दर्ज कर उन्हें जेल में डाला जाना चाहिए 

Tuesday, April 20, 2021

उत्तरप्रदेश के वाराणसी में माँ के पैरों के पास तड़प कर मर गया बेटा

जिगर का टुकड़ा तड़पता रहा मां बेटे को लेकर इस हॉस्पिटल से उस हॉस्पिटल भागती रही 
खबर वाराणसी की है

वाराणसी जो योगी आदित्यनाथ के राम राज्य में है वाराणसी जहां का सांसद इस वक्त देश का प्रधानमंत्री है वाराणसी जहां पर मोदी जी स्वयं को गंगा मां का लाल बताते थे
घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है , जौनपुर जिले के मडियाहू निवासी विनय सिंह का भतीजा विनीत सिंह मुंबई में काम करता था / विनीत सिंह दिसंबर में एक शादी समारोह में भाग लेने के लिए अपने गांव आया था /जहां उसकी तबीयत खराब हो गई तो परिवार के लोगों ने जौनपुर में एक डॉक्टर को दिखाया / डॉक्टर ने किडनी की गड़बड़ी बताई औऱ किसी अच्छे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी / मृतक के चाचा विनय सिंह ने बताया कि इसके बाद हम लोग बीएचयू में 5 बार लाइन (नंबर) लगाया
   दैनिक जागरण अखबार   

लेकिन किसी ने उसकी जांच नहीं की / तबीयत बिगड़ने पर मां अपने बेटे को ऑटो में लेकर फिर BHU पहुंची युवक तड़पता रहा पर किसी का दिल नहीं पसीजा , ककरमत्ता स्थित प्राइवेट अस्पताल पहुंची कोरोना को लेकर वहां भी जगह नहीं मिली न जांच हुई , टेम्पू में बैठी माँ औऱ मां के पैरों में ही उसके लाल ने तड़प कर दम तोड़ दिया 

Monday, April 19, 2021

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपना भारत दौरा कर दिया

यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन ने एक और बार अपना भारत दौरा रद्द कर दिया है
    PM Boris Johnson UK

माना जा रहा कि भारत में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखकर ऐसा निर्णय लिया गया है इस बाबत ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया की कोरोना वायरस की लगाताााार बढ़ती संक्रमण के कारण उत्पन्न हालात की वजह से प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का भारत दौरा रद्द किया गया है उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में दोनों प्रधानमंत्री (भारत औऱ ब्रिटेन) में वर्चुअल मीटिंग कर कुछ महत्वपूर्ण बातचीत कर सकते हैं 
यहाँ बता दें कि इससे पहले भी भारत के प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को भारत के गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर आमंत्रण दिया था वह भी कार्यक्रम कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमन के कारण रद्द किया गया था

Sunday, April 18, 2021

जिन्हें आना हो वो जल्दी चले आयें बोले CM नीतीश कुमार

 बेशर्मी की हद कब की पार कर गई नीतीश सरकार पता भी नहीं चला

S.Shot - kashish news 

दरअसल नीतीश कुमार और मंगल पांडे की जोड़ी ने सूबे के स्वास्थ्य विभाग को वेंटिलेटर पर पहुंचा दिया परिणाम पूरे राज्य की जनता भुगत रही / जब देश के प्रधानमंत्री ने कोरोना के संक्रमण बढ़ने के कारण देश में लॉकडाउन लगा दिया था तब भी हमारे बिहार के मुख्यमंत्री ने 50 लाख से अधिक बिहार के भाई बहन जो प्रवासी मजदूर बनकर दूसरे राज्यों में काम करते हैं उनकी चिंता नहीं की / अपने चुनाव की तैयारियों में लगे रहे




मजदूर 13 सौ किलोमीटर 14 सौ किलोमीटर पैदल चलकर अपने घर आए / लेकिन फिर परिजनों को दाने दाने का मोहताज देखकर प्रवासी मजदूर बनकर इस कोरोना वायरस संक्रमन में ही दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हो गए



 नीतीश सरकार ने चुनाव से पहले 19 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा किया था / वादा तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का किया था / उन्होंने तो 15 लाख रुपए हर भारतीय के खाते में आने की उम्मीद भी जगा दी थी / हालत यह है कि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे भीतर अस्पताल का निरीक्षण करते हैं और बाहर सड़क पर एक मरीज तड़प तड़प कर मर जाता है / सिर्फ इस इंतजार में कि मंत्री जी हॉस्पिटल से निकलेंगे तो उसको दाखिला दिया जाएगा /



अब नीतीश कुमार कह रहे हैं कि जो प्रवासी मजदूर दूसरे राज्य में हैं वह अगर वापस आना चाहे तो जल्दी वापिस आ जाएं / मतलब कि फिर से लॉक डाउन होने की संभावना है / लेकिन मजदूर जो पैदल चलकर घर आए और यहां पर अपने परिजनों को भूखे देख कर वापिस लौट गया / वापिस जाने के लिए  ब्याज पर महाजन से रुपैया लेकर ₹7000 का टिकट कटा कर पंजाब महाराष्ट्र.. 


पहुंचा है उसे मुख्यमंत्री जी बिना कुछ सोचे समझे तुरंत वापस लौट आने की सलाह दे रहे जैसे कि मुख्यमंत्री जी ने यहां बहुत व्यवस्था औऱ रोजगार सृजन करके रखा है 





Saturday, April 17, 2021

बिहार की तमाम बड़ी खबरें एक साथ हमारे ब्लॉग में देखें

हाजीपुर में हुई दुर्घटना हाजीपुर के पल भैया दियारा में गंगा नदी में एक नाव डूब गई जिस पर 4 किसान सवार थे किसान परवल तोड़कर वापस लौट रहे थे / महनार के बताए गए हैं / चारो किसान में से दो बाहर निकलने में कामयाब रहे और 2 लापता बताए गए है / गायब की तलाश जारी है 
                         प्रतीकात्मक तस्वीर

गया के डीएम अभिषेक सिंह भी कोरोना वायरस के लपेटे में आ गए हैं / अपने आवास में ही डीएम ने खुद को आइसोलेट कर लिया है / जानकारी के अनुसार डीएम की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है / वही गया के सिविल लाइन थाना के 11 पुलिसकर्मी संक्रमित बताए गए हैं जिले में अब कुल संक्रमितों की संख्या 3833 बताई गई है /

         अभिषेक सिंह जिलाा पदाधिकारी गया 

दानापुर अनुमंडल अस्पताल में भी कोरोना वायरस बम फटा एक साथ 24 कर्मी कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए हैं 96 लोगों की जांच की गई थी जिसमें 24 संक्रमित पाए गए हैं

                  प्रतीकात्मक तस्वीर

कल बेगूसराय में मुंडन में शामिल हुए 6 युवकों के डूब जाने की घटना हुई थी / एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम ने तीन युवकों के शव कल ही बरामद कर लिए थे / एक युवक का शव आज बरामद किया गया है / दो युवक अब भी लापता हैं जिनकी खोज जारी है

 बेगूसराय में डूबे युवाओं को खोजने की कोशिश

मधुबनी- अतिक्रमण खाली कराने पहुंची पुलिस पर हमला, आधा दर्जन से ज्यादा पुलिस कर्मी घायल, बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के उचैठ की घटनाअतिक्रमणकारियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि अब पुलिस पे हमला करने लगे। 

क्या राजीव दीक्षित की मौत रामदेव प्रायोजित हत्या थी ❓

  राजीव दीक्षित की मृत्यु हत्या थी या हार्ट अटैक ?निरुत्तर है यह सवाल ❗❗ राजीव दीक्षित एक ऐसा नाम जिसने रामदेव को कई चीजों से साक्षात्कार कर...